— ग्राम सभा की सहमति बिना भूमि अधिग्रहण का आरोप, लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
मध्यप्रदेश डिंडौरी जिले के राघवपुर बहुद्देशीय परियोजना बांध के विरोध में गुरुवार को डिंडौरी जिले के जोगी टिकरिया में ग्रामीणों और प्रभावित किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। दोपहर 2 बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जबलपुर-अमरकंटक राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया, जिससे मार्ग पर घंटों तक यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि राघवपुर बहुद्देशीय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य ग्राम सभा की सहमति तथा प्रभावित किसानों की अनुमति के बिना आगे बढ़ाया जा रहा है। इसे आदिवासी अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध बताते हुए ग्रामीणों ने पूर्व में कलेक्टर डिंडौरी को ज्ञापन सौंपकर 25 जून को आंदोलन की चेतावनी दी थी। मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने के बाद ग्रामीण सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए पेसा कानून, संविधान की पांचवीं अनुसूची तथा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी भूमि अधिग्रहण से पहले ग्राम सभा की सहमति आवश्यक होती है, लेकिन उनकी राय को नजरअंदाज किया गया।
ग्रामीणों द्वारा राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 में कलगी टोला ग्राम पंचायत की विशेष ग्राम सभा में किसानों ने सर्वसम्मति से राघवपुर बहुद्देशीय परियोजना को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाने की कार्रवाई जारी है।
आंदोलनकारियों का यह भी दावा है कि परियोजना निरस्तीकरण संबंधी मामला जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर निर्माण कार्य और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी रखी जा रही है, जिससे आदिवासी समुदाय के संवैधानिक और पारंपरिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर एसडीएम रामबाबू देवांगन, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, तहसीलदार, शाहपुर थाना प्रभारी सहित डिंडौरी एवं शाहपुर क्षेत्र का भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से लगातार चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि प्रशासन लिखित रूप से परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकने का आश्वासन दे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा जिले के अन्य आदिवासी क्षेत्रों में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।




