— समीक्षा बैठक में दिए निर्देश—समय-सीमा में पूरे हों सभी निर्माण कार्य, कोई भी सरकारी काम शिकायत का कारण न बने
डिंडौरी। जिले में संचालित शासकीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य अनुबंध की शर्तों एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी कोई भी कमी मिलने पर संबंधित अधिकारी से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, डिंडौरी एसडीएम रामबाबू देवांगन, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, बजाग एसडीएम अक्षय डिगरसे सहित लोक निर्माण विभाग, हाउसिंग बोर्ड, एमपीआरडीसी, पीआईयू, जिला शिक्षा विभाग, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, जल संसाधन विभाग एवं अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि भू-अर्जन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के समन्वय से समय पर पूरी की जाए, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य बजट के अनुरूप पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण हों तथा विशेष रूप से सड़क निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी शासकीय निर्माण कार्य शिकायत का कारण नहीं बनना चाहिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी सड़कें ऐसी बनाई जाएं जिनमें बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े। साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों पर सूचना पटल लगाने तथा निर्माणाधीन विद्यालयों को शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण प्रवेश द्वार बनाने तथा निर्माण कार्यों का परीक्षण संतोषजनक पाए जाने के बाद ही उन्हें हैंडओवर लेने के निर्देश दिए। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी भवन एवं पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों को भी शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने सीईओ, सचिव एवं सहायक यंत्रियों (एई) को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने और कार्यों की प्रगति की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र भ्रमण कर आमजन से संवाद स्थापित करने और स्थानीय समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा पुल निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद मलबा तत्काल हटाने, आवश्यक साइन बोर्ड लगाने तथा वर्षा ऋतु में अवरुद्ध होने वाले मार्गों को व्यवस्थित कर आवागमन सुचारु बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों ने सड़क, भवन, आवासीय एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।




