— निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
डिंडौरी। शहर में पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सोमवार को नगर परिषद डिंडौरी क्षेत्र में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन पेयजल टंकियों का औचक निरीक्षण किया गया। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी वेद प्रकाश पुरी गोस्वामी ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने पेयजल टंकियों के सिविल निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था तथा कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद तकनीकी अधिकारियों, उपयंत्रियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि शेष कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएमओ ने शहर में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन और जल वितरण प्रणाली को भी शीघ्र क्रियाशील करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना के सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। यदि किसी एजेंसी द्वारा कार्य में देरी या लापरवाही बरती गई तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपयंत्री यशवंत मसराम, आशीष कोरी, जल प्रदाय शाखा के प्रभारी, निर्माण एजेंसी के इंजीनियर तथा नगर परिषद का मैदानी अमला भी उपस्थित रहा।




