— आयुक्त कार्यालय ने सभी संभागीय उप आयुक्त, सहायक आयुक्त और जिला संयोजकों से विभागीय जांच, निलंबन, अभियोजन व दंड संबंधी जानकारी तत्काल मांगी
भोपाल। जनजातीय कार्य विभाग में लंबित विभागीय मामलों पर कार्रवाई तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आयुक्त, जनजातीय कार्य, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश के सभी संभागीय उप आयुक्त, सहायक आयुक्त एवं जिला संयोजकों को पत्र जारी कर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध चल रही विभागीय जांच, निलंबन, अभियोजन स्वीकृति, आरोप पत्र और दी गई सजा की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी पत्र के अनुसार सहायक आयुक्त, जिला संयोजक, प्रथम श्रेणी प्राचार्य, हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल प्राचार्य, व्याख्याता, कार्यपालिक पद, क्षेत्र संयोजक, सहायक संयोजक और सुपरवाइजर सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों से संबंधित सभी लंबित एवं प्रचलित प्रकरणों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में भेजी जाएगी।
आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध यदि विभागीय जांच, निलंबन, अभियोजन की स्वीकृति, आरोप पत्र जारी होने अथवा किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की गई है तो उसकी संपूर्ण जानकारी निर्धारित प्रपत्र में तत्काल ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए विशेष समय-सीमा निर्धारित करते हुए विलंब न करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पत्र के साथ एक प्रारूप भी संलग्न किया गया है, जिसमें अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पदनाम, वर्तमान पदस्थापना, आरोप पत्र की स्थिति, अभियोजन स्वीकृति, निलंबन की स्थिति तथा दी गई सजा का विवरण भरकर भेजना होगा।
यह कदम जनजातीय कार्य विभाग में लंबित अनुशासनात्मक प्रकरणों की समीक्षा और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर इसे प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।


