भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद (मनरेगा) ने प्रदेशभर में कार्यरत संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए उनके मासिक पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी और बढ़ी हुई राशि का एरियर भी नियमानुसार कर्मचारियों को दिया जाएगा।
— जारी आदेश के मुताबिक
परिषद द्वारा 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि वित्त विभाग के निर्देश तथा उपभोक्ता मूल्यांक (सीपीआई) के आधार पर वार्षिक पारिश्रमिक वृद्धि की दर 4.46 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसके तहत परिषद मुख्यालय, संभाग, जिला, जनपद, एसआईआरडी एवं ईटीसी स्तर पर संविदा के आधार पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के पारिश्रमिक में संशोधन किया गया है।
जारी संशोधित दरों के अनुसार सहायक यंत्री का मासिक पारिश्रमिक 78,500 रुपये से बढ़ाकर 82,100 रुपये, परियोजना अधिकारी का 73,400 रुपये से 76,700 रुपये, जबकि परियोजना अधिकारी (रीडिज़ाइन), ऑडिट अधिकारी, सिस्टम एनालिस्ट, प्रोग्रामर एवं लेखाधिकारी का पारिश्रमिक 70,000 रुपये से बढ़ाकर 73,200 रुपये कर दिया गया है।
इसी प्रकार अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, वरिष्ठ डाटा प्रबंधक, संकाय सदस्य (ईटीसी), उपयंत्री, सहायक प्रबंधक सूचना प्रौद्योगिकी, सहायक लेखाधिकारी, ऑडिटर, विकासखंड समन्वयक, लेखापाल, प्रयोगशाला तकनीशियन, कार्यालय सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-01, सहायक ग्रेड-02, सहायक ग्रेड-03 तथा भृत्य सहित कुल 28 संवर्गों के पारिश्रमिक में भी निर्धारित दर से वृद्धि की गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संशोधित पारिश्रमिक 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा तथा उस तिथि से देय अंतर राशि (एरियर) का भुगतान भी नियमानुसार किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेशभर में कार्यरत मनरेगा के संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।


