भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद्, जो पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन संचालित संस्था है, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत लंबित सामग्री भुगतान के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की है। परिषद ने SNA-SPARSH प्रणाली के अंतर्गत कुल ₹431.02 करोड़ के भुगतान की अनुमति प्रदान की है।
— जारी आदेश के मुताबिक
आयुक्त अवि प्रसाद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लंबित भुगतान हेतु ₹291.28 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित देयकों हेतु ₹139.75 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार कुल ₹431.02 करोड़ की राशि भुगतान के लिए उपलब्ध कराई गई है।
निर्देशों के अनुसार सर्वप्रथम वर्ष 2024-25 के सभी लंबित देयकों (लाइन विभाग को छोड़कर) का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में “एक बगिया मां के नाम” तथा “जल गंगा संवर्धन अभियान” के लंबित देयकों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। शेष देयकों का भुगतान FIFO (पहले आया, पहले भुगतान) के आधार पर किया जाएगा।
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि लाइन विभागों से संबंधित भुगतान की प्रक्रिया प्रचलन में है और इनके संबंध में पृथक निर्देश शीघ्र जारी किए जाएंगे। सभी जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद पंचायत सीईओ को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने कहा है कि यदि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





