जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जबलपुर और नरसिंहपुर की तर्ज पर अन्य जिलों में भी नशे के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर में आयोजित संभागीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। जो व्यक्ति बार-बार अपराध करता है, उस पर सख्त निर्णय लिया जाए। बदमाशों की सूची तैयार करें, उनकी निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गांजा, ड्रग्स और कोरेक्स जैसी नशे की वस्तुओं पर सख्त कार्यवाही की जाए और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में पूर्ण नियंत्रण बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवनी जैसी शर्मनाक घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी सतर्क रहें। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी निर्देश दिए कि मरीजों को प्राथमिकता से सरकारी अस्पतालों में ही उपचार के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि कुछ ड्राइवर मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाते हैं, इस पर निगरानी रखी जाए।
डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि जन सहयोग के उदाहरण प्रस्तुत करें, अच्छे समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लें। उन्होंने ग्रामीण विकास को लेकर कहा कि अधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम करें, ताकि आमजन की समस्याओं को नज़दीक से समझा जा सके।
मुख्यमंत्री ने हाईवे किनारे अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी सिविल आचरण के विरुद्ध गतिविधि न हो। डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि जनसुनवाई में स्वयं उपस्थित रहकर आवेदनों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि विधानसभावार विजन डॉक्यूमेंट के आधार पर कार्य किया जाए और जिलों का दस्तावेजीकरण सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साहसिक और रोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’, आत्मनिर्भर भारत का ही हिस्सा है, अतः समाज में सामाजिक समरसता और विकास की भावना को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने बताया कि आगामी 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती, 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर विकासपरक गतिविधियाँ आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेलकूद एवं रोजगार से जोड़ा जाए, भावांतर योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, और कोदो-कुटकी उपार्जन में पारदर्शिता रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रतिबंधित दवाइयों और गौ-तस्करी पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे अपराधियों पर राजसात जैसी कार्रवाई की जाए जिन्होंने अपराध के जरिए संपत्ति अर्जित की है। भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए और जिला बदर के आदेशों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने समग्र विकास के लिए विकास समिति मॉडल लागू करने तथा प्रतिभाशाली व्यक्तियों को प्रोत्साहन देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में एसीएस संजय दुबे, एडीजी, संभागायुक्त धनंजय सिंह, आईजी जबलपुर और बालाघाट, सभी कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, डीएफओ सहित अन्य संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह ने शासन की प्राथमिकताओं पर प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें कृषि, उर्वरक वितरण, औद्योगिक नीति, टेकहोम राशन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और निवेश प्रोत्साहन से संबंधित विषय शामिल थे। इसी प्रकार आईजी प्रमोद वर्मा ने कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि बालाघाट आईजी ने नक्सल उन्मूलन के प्रयासों की जानकारी दी।





