डिंडौरी। बालाघाट जोन के पुलिस महानिरीक्षक ललित शाक्यवार ने डिण्डौरी जिले का वार्षिक निरीक्षण करते हुए पुलिस व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अनुशासन, संसाधनों की उपलब्धता और कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। पूरे दिन चले निरीक्षण कार्यक्रम में उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत रक्षित केन्द्र डिण्डौरी में परेड से हुई, जहां पुलिस महानिरीक्षक ने परेड की सलामी लेकर पुलिस बल के अनुशासन, टर्नआउट और कार्यकुशलता का अवलोकन किया। इसके बाद पुलिस वाहनों, शस्त्रों एवं अन्य संसाधनों का निरीक्षण कर उनके रखरखाव और उपयोगिता की जानकारी ली। उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन और बेहतर टर्नआउट वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके बाद आयोजित पुलिस सम्मेलन में जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवा संबंधी समस्याएं और सुझाव रखे। पुलिस महानिरीक्षक ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहचान केवल कानून लागू करने से नहीं, बल्कि जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार, निष्पक्ष कार्यशैली और समयबद्ध कार्रवाई से बनती है। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान ललित शाक्यवार ने रक्षित केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
पुलिस महानिरीक्षक ने जिले में चलाए जा रहे “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत उन्होंने रक्षित केन्द्र एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण कर अभिलेखों, शस्त्रागार, कार्यालयीन व्यवस्था, भवन परिसर, साफ-सफाई तथा अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण कार्यक्रम के अंतिम चरण में पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, गंभीर अपराधों की विवेचना में तेजी लाने, फरार एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशील कार्रवाई, साइबर अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस महानिरीक्षक ने सभी अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण विवेचना, त्वरित कार्रवाई और जनता के प्रति जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, एसडीओपी डिण्डौरी सतीष द्विवेदी, एसडीओपी शहपुरा अजय तिवारी, एसडीओपी बजाग विवेक गौतम सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




