— 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें, बालकों को ₹1720 और बालिकाओं को ₹1770 प्रतिमाह मिलेंगे
भोपाल । मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के छात्रावासों एवं आश्रमों में निवासरत छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षावृत्ति की दरों में वृद्धि करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई शिक्षावृत्ति दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी, जिससे प्रदेशभर के हजारों आदिवासी विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी आदेश के मुताबिक वर्ष 2026-27 के लिए छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले बालक विद्यार्थियों को ₹1720 प्रतिमाह और बालिका विद्यार्थियों को ₹1770 प्रतिमाह शिक्षावृत्ति प्रदान की जाएगी। यह वृद्धि मार्च माह के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर महंगाई की क्षतिपूर्ति को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत की गई है।
राज्य शासन ने यह भी तय किया है कि भविष्य में छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षावृत्ति दरों का पुनर्निर्धारण प्रत्येक वर्ष मार्च माह के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर किया जाएगा और संशोधित दरें जुलाई माह से लागू की जाएंगी। इससे महंगाई के अनुरूप विद्यार्थियों को नियमित रूप से आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
जनजातीय कार्य विभाग के वित्तीय सलाहकार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि यह स्वीकृति मंत्रिपरिषद के पूर्व निर्णय एवं प्रशासनिक अनुमोदन के आधार पर जारी की गई है। आदेश की प्रतिलिपि सभी कलेक्टरों, संभागीय उपायुक्तों, जिला कार्यालयों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
प्रदेश सरकार के इस फैसले को आदिवासी विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बढ़ी हुई शिक्षावृत्ति से छात्रावासों एवं आश्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में आर्थिक संबल मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई और बेहतर तरीके से जारी रह सकेगी।





