— सीएम हेल्पलाइन, बिजली आपूर्ति, टीबी नियंत्रण, मत्स्य, शिक्षा और पशुपालन सहित सभी विभागों की समीक्षा; लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश।
डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े मामलों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों पर विशेष नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सभी अधिकारी शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने लोक सेवा प्रबंधक को निर्देश दिए कि 5 जुलाई 2026 तक 50 दिवस से अधिक समय से लंबित सभी सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का संबंधित विभागों से समन्वय कर निराकरण सुनिश्चित कराया जाए।
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश के डिंडौरी प्रवास के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित होना गंभीर लापरवाही का परिचायक है। इस मामले में संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मत्स्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री मछुआ पालन योजना एवं स्मार्ट फिश पार्लर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने अधूरे निर्माण कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर संचालन प्रारंभ कराने तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उनका शुभारंभ कराने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं का प्रत्येक माह निरीक्षण करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए। वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के प्रबंधक को नर्मदा डेम घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से दोना-पत्तल की दुकान संचालित कराने के निर्देश दिए गए।
टीबी विभाग की समीक्षा के दौरान फूड किट वितरण में कमी, टीबी नियंत्रण अभियान की धीमी प्रगति एवं शासकीय कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन विभागों द्वारा सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों पर ध्यान नहीं दिया गया है, उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को 15 दिवस के भीतर कृत्रिम गर्भाधान, क्षीरधारा ग्राम अभियान तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण और पाठ्यपुस्तकों का वितरण समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता प्रभारी जिला पंचायत को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास एवं जनमन आवास सहित अन्य आवासीय योजनाओं के हितग्राहियों के लिए शौचालय निर्माण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के सीईओ दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, डीएफओ विशाल, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, एसडीएम बजाग अक्षय डिगरसे, डिप्टी कलेक्टर प्रियांशी जैन सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




