डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में नई कलेक्टर श्रीमती अंजु पवन भदौरिया ने पत्रकारों से परिचय प्राप्त करते हुए जिले के विकास के लिए अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि डिंडौरी आदिवासी बहुल जिला है, जहां शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनका मुख्य लक्ष्य होगा।
कलेक्टर भदौरिया ने कहा कि वे जिले के समस्त अधिकारियों के साथ टीम भावना से कार्य करते हुए आम जनता के हित में बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आगामी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण और विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकविहीन विद्यालयों में आगामी सत्र से विषयानुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी ताकि परीक्षा परिणामों में सुधार हो सके।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में पीएम जनमन आवास योजना, गौशालाएं, शुद्ध पेयजल, नर्मदा पथ, टूरिज्म विकास, और ‘मां की बगिया’ जैसी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही स्व-सहायता समूह की दीदियों के सशक्तिकरण, नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने, और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि आमजन का जीवन स्वस्थ और सुखमय बन सके।
नशा मुक्ति की दिशा में भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत विशेष दल गठित कर मेडिकल स्टोर्स, क्लीनिक, छोला छाप चिकित्सक, दवा स्टॉक एवं गुणवत्ता की जांच की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों — एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, औषधि निरीक्षक और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी को निर्देश दिए कि अवैधानिक रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों पर सख्त कार्रवाई करें।




