— शहपुरा विकासखंड में 6 स्थानों पर मत्स्य गतिविधियों का निरीक्षण, 48 सदस्यों के केसीसी प्रकरण बैंकों को भेजे
डिंडौरी । मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026 के तहत कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर मत्स्य विभाग द्वारा शहपुरा विकासखंड में मत्स्य पालकों एवं मछुआ सहकारी समितियों से संवाद और भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने विकासखंड के छह स्थानों का भ्रमण कर मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों का निरीक्षण किया और हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
मत्स्य विभाग की टीम ने मानिकपुर, कछारी, शहपुरा, बिछिया, देवरीकला एवं टिकरिया में पहुंचकर मछुआ सहकारी समितियों की गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान मानिकपुर, बिछिया, देवरीकला, टिकरिया, शहपुरा एवं कछारी की मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यों से संवाद किया गया।
शहपुरा विकासखंड में पंजीकृत 14 मछुआ सहकारी समितियों से जुड़े 450 सदस्य, 15 स्व-सहायता समूहों के 201 सदस्य तथा निजी मत्स्य पालक मत्स्य पालन, मत्स्याखेट और मत्स्य विक्रय की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। विभाग द्वारा भ्रमण के दौरान मत्स्य पालकों को केसीसी, तालाब पट्टा आवंटन, NFDP पोर्टल पर पंजीयन, मत्स्यबीज की उपलब्धता तथा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान NFDP पोर्टल पर पंजीयन से वंचित 31 सदस्यों का मौके पर पंजीयन कराया गया। वहीं 48 सदस्यों के केसीसी फार्म तैयार कर विभिन्न बैंकों को भेजे गए। इससे मत्स्य पालकों को अपनी गतिविधियों के विस्तार और आर्थिक लाभ बढ़ाने के लिए संस्थागत ऋण की सुविधा मिलने का रास्ता खुला है।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत ग्राम गुतलवाह में आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य विभाग द्वारा विभागीय प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाया गया। यहां ग्रामीणों और उपस्थित जनसमुदाय को मत्स्य विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा लगभग 650 ब्रोशर वितरित किए गए।
मत्स्य पालकों को बताया गया कि शासन द्वारा तालाब एवं जलाशयों में मत्स्य पालन के साथ केज फिश फार्मिंग तथा स्वच्छ एवं ताजी मछली की बिक्री के लिए स्मार्ट फिश पार्लर जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इच्छुक हितग्राही आधार कार्ड, निवासी प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और समग्र आईडी सहित आवश्यक दस्तावेज लेकर शिविर में उपस्थित होकर केसीसी सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
उद्यम संवाद के माध्यम से मत्स्य पालकों को मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, उत्पाद का उचित क्रय-विक्रय करने और आय में वृद्धि के उपाय बताए गए। वहीं यशस्वी संवाद के दौरान ग्रामीणों को उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कृषि सिंचाई और मत्स्य पालन के लिए करने के लिए प्रेरित किया गया।
इन्फ्लुएंसर संवाद में मत्स्य पालकों को मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से रील एवं अन्य सामग्री तैयार कर अपने मत्स्य व्यवसाय तथा उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने की जानकारी दी गई, जिससे उनके उत्पाद अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
भ्रमण के दौरान मानिकपुर, शहपुरा, बिछिया, देवरीकला, केहेजरा सहित अन्य समितियों को समय पर मत्स्यबीज संचयन करने और मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए। विभाग का उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों और समिति सदस्यों को उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अधिक उत्पादन एवं आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।



