डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल पर बीमारी का प्रकोप किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कई गांवों में खेतों में खड़ी धान की फसल पहले पीली पड़ रही है और इसके बाद धीरे-धीरे सूखने लगी है। फसल को बचाने के लिए किसानों द्वारा खाद और विभिन्न प्रकार की दवाओं का छिड़काव किए जाने के बावजूद समस्या दूर नहीं हो रही है।

अमरपुर विकासखंड के ग्राम देवरीमाल के किसानों ने बताया कि खेतों में धान की फसल अचानक पीली पड़ने लगी है। कुछ ही दिनों में पौधे सूखने लगते हैं, जिससे किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों के मुताबिक उन्होंने अपने स्तर पर कई प्रकार की दवाओं और खाद का प्रयोग कर फसल को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।

किसानों का कहना है कि धान की फसल में सामने आ रही यह समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। जिले के अलग-अलग विकासखंडों के कई गांवों में धान की फसल के पीला पड़ने और सूखने की शिकायतें सामने आ रही हैं। समय रहते बीमारी की सही पहचान और उपचार नहीं होने पर किसानों को उत्पादन में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जांच और विशेषज्ञों की सलाह की मांग
प्रभावित किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि खेतों का निरीक्षण कर धान की फसल के नमूने लिए जाएं और बीमारी के वास्तविक कारण की जांच कराई जाए। किसानों को कृषि विशेषज्ञों के माध्यम से बीमारी की पहचान, उचित दवा और फसल बचाने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
किसानों का कहना है कि फसल इस समय महत्वपूर्ण अवस्था में है। ऐसे में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बीमारी का प्रकोप बढ़ सकता है और इसका सीधा असर किसानों की उपज एवं आय पर पड़ेगा। अब किसानों को कृषि विभाग की जांच और समाधान का इंतजार है।



