डिंडौरी। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत चिचरिंगपुर में हुए सीसी सड़क निर्माण कार्य में अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है जो तीन दिवस में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी।

दरअसल ग्राम पंचायत चिचरिंगपुर में ललन के घर से मल्लू के घर तक लगभग दो लाख उन्नतीस हजार रुपए की लागत से सीसी रोड का निर्माण कराया गया था ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में सरपंच और सचिव द्वारा तय तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई सड़क बिना बेस लेयर बिना प्लास्टिक शीट और मिट्टी युक्त गिट्टी रेत से बनाई गई है जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं ग्रामीणों को आशंका है कि यह सड़क कुछ महीनों में ही खराब हो जाएगी
निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं बताया गया है कि सरपंच और सचिव ने अपने चहेते सप्लायर को लाभ पहुंचाने के लिए लगभग एक लाख अठहत्तर हजार रुपए का भुगतान साधारण कागज पर बिना जीएसटी बिल के कर दिया पंचायत को गाइडलाइन के अनुसार केवल जीएसटी बिल और सही दस्तावेजों के आधार पर भुगतान करना चाहिए था लेकिन बिना बिल भुगतान करना वित्तीय नियमों का उल्लंघन है।
— जारी आदेश के मुताबिक
बता दें कि “जनधारा न्यूज” वेबसाइट में मामला प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत हरकत में आई और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी ने आदेश जारी किया कि जांच समिति ग्रामवासियों की उपस्थिति में जांच कर स्पष्ट अभिमत के साथ तीन दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करे जांच समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डिंडौरी सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी और सहायक लेखा अधिकारी मनरेगा जनपद पंचायत अमरपुर को शामिल किया गया है मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा है कि यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और क्या वास्तव में विकास निधि के दुरुपयोग पर रोक लग पाती है या नहीं।
—पूर्व में प्रकाशित खबर





