डिंडौरी। जिला पंचायत डिंडौरी द्वारा ग्राम पंचायत मडियारास के ग्राम रोजगार सहायक गोर्वधन ठाकुर के विरुद्ध प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। बता दें कि जिला पंचायत कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रारंभिक जांच में उन्हें दोषी पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है।
— जारी आदेश के मुताबिक
दरअसल जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी द्वारा जारी में उल्लेख किया गया है कि जिला पंचायत द्वारा कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग डिण्डौरी के प्रतिवेदन के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के दौरान चरणबद्ध तरीके से जियोटैगिंग का कार्य अनिवार्य होता है, लेकिन ग्राम रोजगार सहायक द्वारा 12 आवासों में यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि एक ही हितग्राही के आवास के पिंथ लेवल का फोटो खींचकर सभी 12 आवासों में पोर्टल पर अपलोड कर किस्त जारी कराने की कार्यवाही की गई।
पत्र में उल्लेख है कि हितग्राही धनश्याम एवं देवसिंह के आवास स्वीकृत राशि जारी होने से पहले ही निर्मित करा दिए गए थे। बाद में किस्त आने पर अन्य हितग्राहियों के आवासों की फोटो अपलोड कर स्टेजवार जियोटैगिंग दर्शाई गई, जो नियमों का उल्लंघन माना गया।
इसके अलावा आवास प्लस सूची में हितग्राही जुगरवती पति लोकराम का जॉब कार्ड क्रमांक गलत दर्ज होने से Duplicate job card की स्थिति बनी। इस कारण हितग्राही को योजना का लाभ नहीं मिल सका। जांच में पाया गया कि एक ही जॉब कार्ड क्रमांक दो हितग्राहियों के नाम पर दर्ज हो गया था, जिससे पोर्टल पर त्रुटि उत्पन्न हुई।
मनरेगा के अंतर्गत पुलिया निर्माण कार्य में भी अनियमितता सामने आई। अहीर तालाब के पास पुलिया निर्माण कार्य के लिए तीन रो पुलिया की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन स्थल निरीक्षण में केवल दो रो पुलिया का निर्माण पाया गया। कार्य की स्वीकृत राशि 11.90 लाख रुपये थी, जबकि मूल्यांकन राशि के विरुद्ध 75,304 रुपये अधिक व्यय किया गया। इस अतिरिक्त राशि की वसूली संबंधित सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।
एक अन्य मामले में ग्राम पंचायत मडियारास के अंतर्गत 51 जॉब कार्डधारी श्रमिकों के जेंडर विवरण में त्रुटिवश Transgender मैप हो गया। पोर्टल में संशोधन का विकल्प न होने के कारण इन जॉब कार्डों को डिलीट कर नए जॉब कार्ड बनाए जाने की अनुमति देने का प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया।
जिला पंचायत ने इन सभी मामलों को मनरेगा योजना के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन एवं पदीय दायित्वों में गंभीर लापरवाही माना। कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस में स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। बरहाल जीआरएस की संविदा सेवा शर्तों के प्रतिकूल कार्य करने पर जिला पंचायत डिण्डौरी ने ग्राम रोजगार सहायक गोर्वधन ठाकुर की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है।



