— पीएम आवास, पंचायत भवन, मनरेगा, बाजार नीलामी और शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग सहित कई मामलों में शिकायतें जांच में सही मिलीं, सीईओ जनपद ने जिला पंचायत को भेजा प्रस्ताव
डिंडौरी। जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हनी के सरपंच रतिराम मुराली के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं, शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग एवं पंचायत निधि में गड़बड़ी के गंभीर आरोप जांच में प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। विस्तृत जांच प्रतिवेदन के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत समनापुर ने सरपंच के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40, 89 एवं 92 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर नियमानुसार कार्रवाई करने और उन्हें पद से पृथक किए जाने का प्रस्ताव जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेज दिया है।
प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम पंचायत बम्हनी के विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों की जांच कराई गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होने का उल्लेख किया गया है।
— स्कूल भवन की छप्पर सामग्री घर ले जाने का आरोप
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि प्राथमिक विद्यालय भवन को ध्वस्त किए जाने के बाद उसकी छप्पर सामग्री का नियमानुसार नीलामी किए बिना सरपंच द्वारा ट्रैक्टर से अपने घर ले जाने की शिकायत सही पाई गई। जांच में यह भी उल्लेख किया गया है कि भवन ध्वस्तीकरण की अनुमति तो थी, लेकिन शासकीय सामग्री का नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया, जिससे पंचायत को आर्थिक क्षति पहुंची। रिपोर्ट में लगभग 15 हजार रुपये की राजस्व हानि का उल्लेख किया गया है।
— पंचायत भवन अधूरा, भुगतान पूरा
जांच में यह भी सामने आया कि पंचायत भवन निर्माण कार्य की स्वीकृत राशि का अधिकांश भुगतान कर दिया गया, जबकि निर्माण कार्य वर्षों बाद भी अधूरा पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार बिना विधिवत मूल्यांकन कराए भुगतान किया गया, जिससे सरकारी राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितता सामने आई है।
— पीएम आवास की राशि निजी खाते में जमा
प्रधानमंत्री आवास योजना के एक हितग्राही श्रीमती मूला बंजारी के मामले में जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया गया है। प्रतिवेदन के अनुसार हितग्राही को मिलने वाली आवास योजना की किश्तों की राशि सरपंच के निजी बैंक खाते में जमा हुई। इसके बावजूद हितग्राही का आवास आज तक अधूरा है। जांच अधिकारी ने इसे योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता माना है।
— बाजार नीलामी में लाखों रुपये की गड़बड़ी
रिपोर्ट में ग्राम पंचायत की बाजार नीलामी से प्राप्त राशि के संधारण में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि नीलामी की पूरी राशि पंचायत खाते में जमा नहीं कराई गई। महई मेले की वसूली राशि भी पंचायत खाते में जमा नहीं होने का उल्लेख है। जांच अधिकारी के अनुसार इस पूरे मामले में पंचायत को एक लाख रुपये से अधिक की वित्तीय हानि हुई है तथा राजस्व वसूली एवं जमा प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया।
— मनरेगा में बिना कार्य भुगतान का आरोप
मनरेगा योजना के तहत भी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार एक कार्य के लिए राशि स्वीकृत कर भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर कार्य नहीं मिला। इसे प्रशासनिक स्वीकृति का दुरुपयोग बताते हुए वित्तीय अनियमितता माना गया है।
— सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें भी सही मिलीं
जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि विभिन्न शिकायतकर्ताओं द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से की गई शिकायतों की जांच में अधिकांश आरोप सही पाए गए। जांच अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से लिखा है कि सरपंच द्वारा पद का दुरुपयोग कर पंचायत निधि, शासकीय योजनाओं एवं पंचायत की आय में अनियमितताएं की गईं, जिससे पंचायत को आर्थिक नुकसान पहुंचा।
— पद से हटाने की अनुशंसा
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत समनापुर ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि सरपंच रतिराम मुराली के विरुद्ध प्राप्त शिकायतें जांच में सही पाई गई हैं। इसलिए मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40, 89 एवं 92 के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने तथा उन्हें पद से पृथक किए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।




