— PM आवास में फर्जीवाड़ा + बाजार घोटाला! सरपंच पर चला बर्खास्तगी का बुलडोजर
डिंडौरी। जिला पंचायत डिण्डौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) द्वारा ग्राम पंचायत अमेरा, जनपद पंचायत शहपुरा की सरपंच श्रीमति कौशिल्या मार्को को पद से पृथक कर दिया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40(1) के अंतर्गत की गई है।
जारी आदेश के मुताबिक जनपद स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में ग्राम पंचायत अमेरा में विभिन्न मदों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में साप्ताहिक बाजार नीलामी की कुल राशि ₹1,37,500 में अनियमितता की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मृत हितग्राहियों के नाम पर ₹75,000 की राशि अन्य खातों में जमा कराई गई, जबकि मौके पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं पाया गया।
इसी प्रकार कार्यालय व्यय मद में निर्धारित सीमा से अधिक ₹2,42,099 की राशि आहरित की गई। जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन सचिव की डिजिटल सिग्नेचर (DSC) का उपयोग कर राशि निकाली गई। इस प्रकार कुल ₹4,54,599 की वित्तीय अनियमितता प्रमाणित हुई। पूर्व में धारा 92 के तहत उक्त राशि की वसूली के आदेश भी पारित किए गए थे, जिसमें सरपंच द्वारा केवल ₹2,28,000 जमा किए गए, जबकि शेष ₹2,26,599 अभी भी बकाया है। प्रकरण में यह भी उल्लेखित है कि सरपंच के विरुद्ध थाना शहपुरा में विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई न्यायालय में लंबित है।
प्रशासन द्वारा सुनवाई के दौरान सरपंच को पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया, किन्तु प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। उपलब्ध साक्ष्यों एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सरपंच द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता एवं गंभीर कदाचार किया गया है। इसी के मद्देनजर लोकहित में उक्त सरपंच को पद पर बने रहना अनुचित मानते हुए तत्काल प्रभाव से पद से पृथक करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।
