डिंडौरी। जिले में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए 7 अगस्त से ‘जनविश्वास अभियान’ की शुरुआत की जाएगी। इसकी जानकारी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में दी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए जनता से जुड़े प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, एसडीएम बजाग अक्षय डिगरसे सहित सभी जिला अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने बताया कि 7 अगस्त 2026 से अमरपुर क्षेत्र से शुरू होने वाला ‘जनविश्वास अभियान’ प्रत्येक शुक्रवार आयोजित होगा और 8 जनवरी 2027 तक लगातार चलेगा। अभियान के दौरान सभी विभागों के अधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे, उनकी शिकायतें सुनेंगे और मौके पर ही समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी, राजस्व प्रकरणों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 50 से 100 दिनों से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में शिकायतें अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, किसान संबंधी प्रकरण, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांग पेंशन सहित सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कागजी प्रगति तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। बैठक में आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने, विभागीय उपलब्धियों का अद्यतन विवरण तैयार रखने तथा कार्यक्रम का समन्वित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में पशुओं के टीकाकरण अभियान को तेज करने, संक्रामक रोगों की रोकथाम, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में प्रगति, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा अधिक से अधिक पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना और अन्य विभागीय योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि वे नियमित रूप से क्षेत्रीय कार्यालयों का निरीक्षण करें, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करें और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य सुनिश्चित करें।




