— पड़रिया खुर्द के ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
डिंडौरी। जिले के जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पड़रिया खुर्द के ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गांव के आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से निर्धारित समय के अनुसार संचालित नहीं किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार करीब 15 से 20 दिनों तक बच्चों को भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, जब भोजन दिया गया तो शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुरूप पोषण आहार उपलब्ध कराने के बजाय कई दिनों तक केवल सूखे आम के टुकड़े डालकर निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसा गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
आवेदन पत्र ग्रामीणों ने बताया कि इन अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने स्थानीय एवं जिला स्तरीय समाचार पत्रों और मीडिया के माध्यम से मामला उजागर किया था। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जांच कराई गई, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच निष्पक्ष नहीं रही। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान वास्तविक हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से जानकारी लेने के बजाय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिश्तेदारों और परिचितों के बयान दर्ज कराए गए तथा उन्हीं से हस्ताक्षर करवाए गए, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, बच्चों को शासन के निर्धारित मेन्यू के अनुसार नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए, वास्तविक हितग्राहियों एवं ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएं तथा पूर्व में हुई जांच की समीक्षा कर दोषी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी, महिला एवं बाल विकास विभाग शहपुरा तथा जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग डिंडौरी को भी भेजी गई है।




