डिंडौरी। विकासखंड डिंडौरी के अंतिम छोर पर स्थित पहुंचविहीन ग्राम बघाड़ एवं दुनिया के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में गांव तक पहुंचने वाला घाट-पहाड़ी मार्ग कीचड़ से लबालब हो जाता है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है। वहीं कमजोर मोबाइल नेटवर्क और बिजली की समस्या के कारण शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बघाड़-दुनिया मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत स्वीकृत है, लेकिन पिछले दो वर्षों में केवल कुछ स्थानों पर अर्थवर्क किया गया है। बरसात में इन्हीं स्थानों पर पानी भरने और अत्यधिक कीचड़ होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं, विद्यार्थियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है। इसके चलते समग्र आईडी ई-केवाईसी, पेंशन सत्यापन, आधार आधारित प्रमाणीकरण और अन्य ऑनलाइन कार्य समय पर नहीं हो पाते। ओटीपी देर से मिलने और फेस कैप्चर प्रक्रिया में अधिक समय लगने से लोग घंटों परेशान रहते हैं। बिजली आपूर्ति भी नियमित नहीं होने से मोबाइल चार्ज करना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई बच्चों के आधार कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं, जबकि कई लोगों के आधार में आवश्यक अपडेट भी लंबित हैं। अधिकांश परिवारों के पास स्मार्टफोन नहीं होने से ऑनलाइन प्रक्रियाएं पूरी करना और भी कठिन हो जाता है, जिससे पात्र हितग्राही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।
ग्राम पंचायत रामगूढ़ा माल के सचिव जगदीश सिंह उइके एवं समस्त ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आधार पंजीयन एवं अपडेट करने वाली टीम को बघाड़ और दुनिया गांव भेजा जाए। साथ ही सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाकर नेटवर्क एवं बिजली की समस्या के समाधान के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि जिले के अंतिम छोर पर बसे लोगों को भी शासन की योजनाओं का समान रूप से लाभ मिल सके।




