मध्यप्रदेश के जिला पंचायत श्योपुर द्वारा ग्राम पंचायत खितरपाल में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, कर्तव्य के पालन में चूक और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग के आरोपों के चलते ग्राम पंचायत खितरपाल के सचिव मलखान सिंह कुशवाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कार्यालय जिला पंचायत श्योपुर से जारी आदेश के अनुसार दिनांक 11 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत खितरपाल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान पंचायत क्षेत्र में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। विद्यालय के सामने स्थित श्मशान घाट के समीप बनाए जा रहे रपटा के निरीक्षण में पाया गया कि उक्त निर्माण का स्थल चयन उपयुक्त नहीं था। यह कार्य पांचवें वित्त आयोग की राशि से कराया जा रहा था, लेकिन बिना किसी मूल्यांकन के लगभग पांच लाख रुपये की राशि आहरित कर ली गई। मौके पर न तो रपटा की वास्तविक उपयोगिता दिखाई दी और न ही कार्य स्वीकृत राशि के अनुरूप पाया गया। इसके अलावा श्मशान घाट में निर्मित चबूतरे का प्लास्टर नहीं किया गया था तथा लोहे के पिलर और टीनशेड की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई।
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत में निर्मित सीएससी यानी स्वच्छता परिसर की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। परिसर पर एक ग्रामीण व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण किया गया था, जहां एक हिस्से में घरेलू सामग्री रखी हुई थी और दूसरे हिस्से में शौचालय का उपयोग भैंस बांधने के लिए किया जा रहा था। मेन गेट के सामने भी भैंसें बंधी पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि स्वच्छता परिसर का उद्देश्य पूरी तरह विफल हो गया है।
मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन परकोलेशन टैंक का निरीक्षण करने पर उसका स्थल चयन भी अनुपयुक्त पाया गया। निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं थी, जिससे शासकीय राशि के दुरुपयोग की स्थिति सामने आई। इसी प्रकार सुनील के खेत के सामने निर्मित फार्म पोंड का निरीक्षण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण स्थल गलत चुना गया है और उक्त कार्य की कोई वास्तविक उपयोगिता नजर नहीं आई, जिससे इस योजना में भी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।

इन सभी तथ्यों और निरीक्षण प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत श्योपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौम्या आनंदे, आईएएस द्वारा आदेश जारी कर ग्राम पंचायत सचिव मलखान सिंह कुशवाह को मध्यप्रदेश पंचायत सचिव सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 04(1) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत विजयपुर निर्धारित किया गया है और शासन नियमों के अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
जिला पंचायत द्वारा की गई इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय योजनाओं में लापरवाही और धन के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
