डिंडौरी। जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खाम्हा निवासी अतिथि शिक्षक डीलन सिंह ठाकुर पर दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल जाते समय पीठ में गोली लगने के बावजूद मामले में पुलिस द्वारा मामूली धाराओं में अपराध दर्ज किए जाने से पीड़ित और आमजन में रोष है। न्याय की उम्मीद लिए पीड़ित अतिथि शिक्षक ने अब कलेक्टर से कठोर धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
डीलन सिंह ठाकुर ने अपने आवेदन में बताया कि 21 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 10:20 बजे वह मोटरसाइकिल से एकीकृत माध्यमिक शाला सरई जा रहे थे। खाम्हाहार बड़े परथुनाला के पास झाड़ियों में छिपे आरोपी हरिसिंह गोंड ने उन पर कथित रूप से गोली चला दी, जो उनकी पीठ में लगी। गोली लगने से उनके कपड़ों में छेद हो गया और उन्हें चोट आई। घटना के समय आरोपी के हाथ में बंदूक और कुल्हाड़ी थी तथा उसने जान से मारने की धमकी देते हुए जंगल की ओर भागने का प्रयास किया।
घटना के बाद घायल अतिथि शिक्षक ने अपने भाई को सूचना दी और 112 डायल कर पुलिस सहायता ली। इसके पश्चात थाना गाड़ासरई में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने इस गंभीर और प्राणघातक हमले को सामान्य मारपीट की तरह लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) एवं 351(2) के तहत मामला दर्ज कर औपचारिकता निभा दी, जबकि यह घटना पूरी तरह से योजनाबद्ध हत्या के प्रयास की श्रेणी में आती है।
पीड़ित का कहना है कि अब तक आरोपी से न तो हथियार जब्त किया गया है और न ही इस घटना में शामिल अन्य कथित साजिशकर्ताओं के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है। इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं न कहीं आरोपी को संरक्षण दिया जा रहा है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पूर्व 31 जनवरी 2025 को उनके भाई मोहित सिंह पर भी दो अज्ञात नकाबपोशों द्वारा धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिसकी सूचना थाना डिंडौरी में दी गई थी, लेकिन आज तक आरोपियों का पता नहीं चल पाया। लगातार हो रहे हमलों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होना पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।
डीलन सिंह ठाकुर ने कलेक्टर से निष्पक्ष और गंभीर जांच कराते हुए आरोपी एवं अन्य कथित साजिशकर्ताओं के विरुद्ध प्राणघातक हमले की धाराओं में अपराध दर्ज करने, अवैध हथियार जब्त करने और स्वयं तथा अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। आवेदन के साथ उन्होंने चोटों के फोटो, कॉल डिटेल्स, पूर्व हमले की रिपोर्ट और थाना गाड़ासरई में दर्ज अपराध क्रमांक 20/2026 की प्रतिलिपि भी संलग्न की है।


