मध्यप्रदेश के नागौद विधायक नागेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वर्ष 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से मुक्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी उस आदेश पर आपत्ति जताई है, जिसके तहत पुराने शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने की स्थिति बन गई है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा कि नागौद विधानसभा क्षेत्र सहित सतना जिले के बड़ी संख्या में शिक्षकों ने इस निर्णय को लेकर चिंता और असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि ये शिक्षक पिछले दो से तीन दशकों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और कठिन परिस्थितियों में भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार किया है।
नागेन्द्र सिंह ने कहा कि इतने वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर अब TET परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना व्यावहारिक नहीं है और इससे उनके मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से पूर्णतः छूट दी जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की भी मांग की है। विधायक ने विश्वास जताया कि सरकार शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान करेगी। देखें पत्र…

