MP Police Promotion 2026 : मध्यप्रदेश पुलिस में 1029 कर्मियों को पदोन्नति, 223 नामों की सूची जारी ! निरीक्षक पद पर होगी पदस्थापना….

Rathore Ramshay Mardan
3 Min Read

 

13 जुलाई के आदेश के बाद रिव्यू डीपीसी की प्रक्रिया पूरी, लेवल-10 वेतनमान में मिलेगा लाभ

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस में कार्यवाहक निरीक्षक/उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया के तहत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के 13 जुलाई 2026 के आदेश के अनुसार प्रदेश के कुल 1029 लोक सेवकों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया था। इसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा रिव्यू डीपीसी आयोजित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

 

रिव्यू डीपीसी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने निरीक्षक के रिक्त पदों पर पदोन्नत अधिकारियों को वरिष्ठता सूची के क्रम में स्थानापन्न/अस्थायी रूप से पदस्थ करने का आदेश जारी किया है। उपलब्ध आदेश में क्रमांक 1 से 223 तक अधिकारियों के नाम और उनकी वर्तमान पदस्थापना दर्ज है।

 

लेवल-10 में मिलेगा वेतनमान का लाभ

 

पदोन्नति के बाद अधिकारियों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल-10 में पदस्थ किया जाएगा। आदेश में वर्तमान पद के लिए 9300-34800+4200 वेतनमान का उल्लेख है। नए पद पर वेतन लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगा।

 

मंडला, बुरहानपुर सहित कई जिलों के अधिकारी शामिल

 

जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सूची में मंडला, जबलपुर, भोपाल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सिवनी, धार, झाबुआ, उमरिया, शहडोल सहित कई जिलों के अधिकारी दिखाई दे रहे हैं।

सूची में मंडला से धर्मेंद्र सिंह धुर्वे, अनीता कुदापे, योगिता उइके और संजीव कुमार उइके के नाम शामिल हैं। वहीं क्रमांक 191 पर राधिका सोलंकी की वर्तमान पदस्थापना बुरहानपुर दर्ज है।

 

1029 पदोन्नत, उपलब्ध सूची में 223 नाम

 

इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा यह है कि 13 जुलाई के मूल आदेश के तहत 1029 लोक सेवकों की पदोन्नति की गई थी, जबकि उपलब्ध दस्तावेज में 223 अधिकारियों की क्रमांकवार सूची दिखाई देती है। इससे स्पष्ट है कि प्रस्तुत पृष्ठ पूरी 1029 अधिकारियों की सूची नहीं बल्कि उपलब्ध आदेश का एक हिस्सा है।

 

जांच और प्रशिक्षण वाले मामलों में विशेष शर्त

 

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पदोन्नत लोक सेवक के विरुद्ध विभागीय जांच, आरोप-पत्र या आपराधिक प्रकरण लंबित है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह पदोन्नति नियम-2025 के तहत अयोग्य पाए जाने वाले अथवा मूलभूत प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को पदोन्नत पद पर कार्यभार ग्रहण कराने से पहले पुलिस मुख्यालय को तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

कुल मिलाकर मध्यप्रदेश पुलिस में 1029 लोक सेवकों की निरीक्षक पद पर पदोन्नति के बाद अब रिक्त पदों पर पदस्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। रिव्यू डीपीसी के बाद जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकारियों को स्थान मिला है।

 

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *