भोपाल। प्रदेश में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों में होने वाली अनावश्यक देरी अब संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर भारी पड़ सकती है। वित्त विभाग ने राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) के तहत ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकतम समय-सीमा निर्धारित कर दी है। तय समय में प्रकरण का निराकरण नहीं होने पर संबंधित स्तर की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
— तीन स्तरों पर कुल 15 कार्य दिवस की सीमा
नई व्यवस्था के तहत नवीन पेंशन प्रकरण क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर के तीन स्तरों से होकर गुजरेंगे। प्रत्येक स्तर पर अधिकतम 5-5 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार सामान्य नवीन पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए कुल 15 कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गई है।
— पुनरीक्षित पेंशन 10 दिन में होगी पूरी
पुनरीक्षित पेंशन प्रकरणों के लिए समय-सीमा और कम रखी गई है। क्रियेटर को अधिकतम 4 कार्य दिवस, जबकि वेरीफायर और एप्रूवर को 3-3 कार्य दिवस में कार्यवाही पूरी करनी होगी। यानी पूरे प्रकरण के लिए अधिकतम 10 कार्य दिवस निर्धारित हैं।वहीं वेतन निर्धारण के मामलों में क्रियेटर को 5 दिन, जबकि वेरीफायर और एप्रूवर को 3-3 दिन दिए गए हैं। इस तरह वेतन निर्धारण प्रकरणों के लिए कुल 11 कार्य दिवस की समय-सीमा रहेगी।
— समीक्षा में सामने आई थी लंबित प्रकरणों की स्थिति
वित्त विभाग की विभागीय अनुश्रवण एवं समीक्षा में सामने आया कि विभिन्न संभागीय और जिला कार्यालयों में SCPPC के अंतर्गत क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर स्तर पर पेंशन प्रकरण अपेक्षा से अधिक समय तक लंबित रह रहे हैं। कई मामलों में लंबे समय से प्रकरणों का निराकरण नहीं हुआ था। विभाग ने इसे शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं माना है। इसके बाद सभी संबंधित स्तरों पर तय समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
— सेवानिवृत्ति से पहले तैयार होगा पेंशन प्रकरण
सरकार ने आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के अग्रिम पेंशन प्रकरणों पर भी विशेष जोर दिया है। ऐसे मामलों में वित्त विभाग के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार समय पर स्वीकृति की कार्यवाही पूरी करनी होगी, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी को पेंशन शुरू होने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
— 2025 में हुआ था SCPPC का गठन
शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए वित्त विभाग ने 9 जून 2025 के आदेश से राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) का गठन किया था। 1 अप्रैल 2026 से पूर्व की व्यवस्था समाप्त कर ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों का निराकरण SCPPC के माध्यम से किया जा रहा है। SCPPC को नवीन पेंशन प्रकरणों के निराकरण के साथ पुनरीक्षित पेंशन प्रकरणों की स्वीकृति और सेवानिवृत्ति से दो वर्ष पूर्व तक विभागीय सक्षम अधिकारियों द्वारा किए गए वेतन निर्धारण के अनुमोदन की जिम्मेदारी भी दी गई है।
— अब हर स्तर पर होगी निगरानी
नई व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया को केवल ऑनलाइन बनाना नहीं, बल्कि उसे समयबद्ध और जवाबदेह बनाना है। प्रत्येक स्तर के लिए समय-सीमा निर्धारित होने के बाद यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि कोई पेंशन प्रकरण किस अधिकारी या स्तर पर कितने समय से लंबित है। तय अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित की जवाबदेही तय होगी।


