— स्वैच्छिक आधार पर जारी हुए तबादले, 7 दिन के भीतर नई पदस्थापना पर जॉइनिंग के निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नर्सिंग संवर्ग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के तहत प्रदेशभर के कुल 191 नर्सिंग ऑफिसर, वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर एवं पुरुष स्टाफ नर्सों का स्वैच्छिक आधार पर स्थानांतरण किया गया है। यह आदेश 16 जून 2026 को आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा द्वारा जारी किया गया।
जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सीएमएचओ कार्यालयों में पदस्थ नर्सिंग अधिकारियों को नई पदस्थापनाएं दी गई हैं। स्थानांतरण सूची में शहडोल, जबलपुर, सतना, नरसिंहपुर, इंदौर, सीहोर, सागर, पन्ना, कटनी, ग्वालियर, झाबुआ, मंदसौर, राजगढ़, देवास, धार सहित प्रदेश के कई जिलों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी स्थानांतरण आदेश eHRMS/CHRMS पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से जारी किए गए हैं तथा कार्यमुक्ति और कार्यग्रहण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन माध्यम से ही पूर्ण करनी होगी। किसी अन्य माध्यम से की गई कार्यवाही मान्य नहीं होगी।
आदेश में स्थानांतरित कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश जारी होने की तिथि से अधिकतम सात दिवस के भीतर कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं करने, बिना अनुमति अवकाश पर जाने अथवा गलत जानकारी देने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविदा पद पर कार्यरत, अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित, न्यायालयीन प्रकरणों में संलिप्त अथवा निलंबित कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। संबंधित कार्यालय प्रमुखों को ऐसे मामलों की जानकारी राज्य स्तर पर तत्काल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के इस व्यापक स्थानांतरण आदेश को प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र में कार्यबल के संतुलित वितरण और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देखें पूरी लिस्ट…

