— 12 फर्जी बिल, 1.74 करोड़ का भुगतान… खुला स्वास्थ्य विभाग का काला खेल
मध्यप्रदेश के जबलपुर कुंडम स्वास्थ्य विभाग में बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जहां बिना सामग्री प्राप्त किए ही करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया। मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा को निलंबित कर दिया है। जांच में सामने आया कि फर्जी देयकों के माध्यम से साईनेज निर्माण और स्वास्थ्य केंद्र सामग्री के नाम पर निजी कंपनी को भुगतान किया गया, जबकि सामग्री की वास्तविक आपूर्ति नहीं हुई थी। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्टोर कीपर का दायित्व संभाल रहे फार्मासिस्ट नीरज कौरव को भी निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडम निर्धारित किया गया है।वहीं, संविदा पर कार्यरत जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जवाहर लोधी को सीएमएचओ कार्यालय से हटाकर जांच पूरी होने तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोरा में पदस्थ किया गया है। दोनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव डायरेक्टर एनएचएम भोपाल को भेजा गया है।
एक अन्य आदेश में जिला चिकित्सालय की नोडल एनसीडी डॉ. सारिका को अस्थायी रूप से जिला कार्यक्रम प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो जांच पूरी होने या वैकल्पिक व्यवस्था होने तक जारी रहेगा। गौरतलब है कि इस पूरे मामले की जांच डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। जांच में खुलासा हुआ कि भोपाल की एक निजी कंपनी को 12 फर्जी देयकों के जरिए 93 लाख 04 हजार 998 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि संबंधित सामग्री की आपूर्ति नहीं हुई थी। जांच रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए एनएचएम भोपाल को भेज दिया गया है। मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
