— लोक निर्माण विभाग का सख्त कदम, नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज
मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडला संभाग में पदस्थ सहायक यंत्री (सिविल) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों और जांच में सामने आई गंभीर खामियों के बाद की गई है।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने विभाग द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं किया। जांच में यह भी पाया गया कि कार्यों के निष्पादन में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, जिससे शासन की छवि और कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित सहायक यंत्री का मुख्यालय मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सागर क्षेत्र में निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में विभागीय जांच आगे भी जारी रहेगी और दोष सिद्ध होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से लोक निर्माण विभाग में स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। देखें आदेश…

