डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं एसडीएम रामबाबू देवांगन के कुशल मार्गदर्शन में आकांक्षी विकासखंड बजाग के सुदूर वनांचल और आदिवासी बाहुल्य ग्राम जल्दा में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। ग्राम जल्दा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भारत सरकार की टीम द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत नेशनल असेसमेंट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और इंटरनेट व मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास इस मूल्यांकन के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। नेशनल असेसर डॉ. परम हंस मिश्रा एवं डॉ. सी. किशोर कुमार ने निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर केंद्र की संरचना, सेवाओं, रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का सूक्ष्म परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनोज उरैती की विशेष उपस्थिति रही। उनके मार्गदर्शन में बीएमओ डॉ. चंद्रशेखर धुर्वे, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अर्जुन विश्वास, डॉ. विकास जैन (ABF नीति आयोग), बीपीएम लल्ला यादव तथा बीईई कांति राव ने व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया।
इस नेशनल असेसमेंट को सफल बनाने में जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य अमले की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। बीसीएम साधना यादव, फार्मासिस्ट शैलेंद्र ठाकुर, सीएचओ सुश्री कुसुम लोधी, एएनएम लक्ष्मी राजपूत एवं आशा कार्यकर्ताओं के समर्पण ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वनांचल के आदिवासी समुदाय तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना संभव है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह मूल्यांकन ग्राम जल्दा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर को गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों पर स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत आधार सिद्ध होगा और क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं एसडीएम रामबाबू देवांगन के कुशल मार्गदर्शन में आकांक्षी विकासखंड बजाग के सुदूर वनांचल और आदिवासी बाहुल्य ग्राम जल्दा में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। ग्राम जल्दा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भारत सरकार की टीम द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत नेशनल असेसमेंट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और इंटरनेट व मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास इस मूल्यांकन के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। नेशनल असेसर डॉ. परम हंस मिश्रा एवं डॉ. सी. किशोर कुमार ने निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर केंद्र की संरचना, सेवाओं, रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का सूक्ष्म परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनोज उरैती की विशेष उपस्थिति रही। उनके मार्गदर्शन में बीएमओ डॉ. चंद्रशेखर धुर्वे, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अर्जुन विश्वास, डॉ. विकास जैन (ABF नीति आयोग), बीपीएम लल्ला यादव तथा बीईई कांति राव ने व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया।
इस नेशनल असेसमेंट को सफल बनाने में जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य अमले की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। बीसीएम साधना यादव, फार्मासिस्ट शैलेंद्र ठाकुर, सीएचओ सुश्री कुसुम लोधी, एएनएम लक्ष्मी राजपूत एवं आशा कार्यकर्ताओं के समर्पण ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वनांचल के आदिवासी समुदाय तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना संभव है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह मूल्यांकन ग्राम जल्दा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर को गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों पर स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत आधार सिद्ध होगा और क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
सोर्स:—जनसंपर्क विभाग डिंडौरी।
