मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले करंजिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुसामुंडी के दर्जनों ग्रामीण महिला और पुरुष मंगलवार की दोपहर रोजगार की मांग को लेकर ग्राम पंचायत भवन पहुंचे। ग्रामीणों ने सरपंच को एक सार्वजनिक मांगपत्र सौंपा और मनरेगा योजना के तहत बंद पड़े कामों को पुनः शुरू करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के काम बंद होने से उनके जीवनयापन का जरिया समाप्त हो गया है। कंशराम मरावी, रामसिंह आर्मो, कृष्णा बाई आर्मो, कमली बाई उइके, मायाबाई धुर्वे, कमलवती बाई आर्मो, जमुना बाई सलाम, संतोष धुर्वे, राधा बाई तेकाम, नरेंद्र मरावी और मुकेश महोबे सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि अगर सरकार ने प्रतिबंधित कामों को जारी नहीं किया, तो उन्हें रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिलने और आय के साधन बंद होने से उनका निजी जीवन प्रभावित हो रहा है। मुसामुंडी पंचायत के पोषक गांव डोंगरी टोला के लोग पानी की कमी और सड़क की दुर्दशा से जूझ रहे हैं। पचराही टोला के नागरिकों ने बताया कि उनके गांव के मुख्य मार्ग तक सड़क नहीं है और वे केवल पगडंडी या खेत की मेड़ों से आना-जाना कर रहे हैं।
सरपंच कपिल आर्मो ने कहा कि मनरेगा योजना के कुछ कामों के बंद होने से ग्रामीणों की यह स्थिति बनी है। पचराही टोला के लिए चार महीने पहले आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। डोंगरी टोला में सार्वजनिक कुएँ के निर्माण के लिए भी फाइल जनपद को भेजी गई थी, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। ग्रामीणों ने नये कलेक्टर और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी समस्याओं को संज्ञान में लेकर तत्काल समाधान किया जाए।




