डिंडौरी । जनपद क्षेत्र के ग्राम पड़रिया में विद्युत ट्रांसफार्मर गिरने के मामले को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है। जांच में सामने आया कि ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए लगाए गए सीमेंट के खंभों को पर्याप्त मजबूती देने के लिए सीमेंट और गिट्टी का मजबूत बेसमेंट तैयार नहीं किया गया था। खंभों के केवल जमीन में गाड़े जाने के कारण वे बारिश के दौरान टूटकर गिर गए और उनके साथ ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गया।
जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को ग्राम पड़रिया में विद्युत ट्रांसफार्मर गिरने की घटना के बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ट्रांसफार्मर स्थापित करते समय विद्युत खंभों का नियमानुसार मजबूत बेसमेंट तैयार नहीं किया गया और बिना पर्याप्त मजबूती के ही ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद 01 सितंबर 2026 को तहसीलदार बजाग, जनपद पंचायत बजाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता की उपस्थिति में मौके का निरीक्षण किया गया।
जांच में स्पष्ट हुआ कि विद्युत लाइन शिफ्टिंग के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान लगाए गए सीमेंट के खंभों को मजबूत करने के लिए आवश्यक बेसमेंट तैयार नहीं किया गया था। पर्याप्त आधार नहीं होने के कारण खंभे टूटकर गिर गए और ट्रांसफार्मर भी जमीन पर आ गिरा।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। जांच के बाद कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित मेसर्स जे.आर.डी. स्मार्ट सॉल्यूशन, ए-क्लास इलेक्ट्रिकल कांट्रेक्टर, सिंगरौली के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं विद्युत विभाग को बाधित विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने और ट्रांसफार्मर को सुरक्षा मानकों एवं नियमानुसार मजबूत आधार के साथ स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।



