डिंडौरी। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और पोषण योजनाओं में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने दो सेक्टर पर्यवेक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर कार्यालय से जारी अलग-अलग आदेशों में दोनों पर्यवेक्षकों की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
— अतरिया माल केंद्र के निरीक्षण में मिलीं कई कमियां
11 जुलाई 2026 को कलेक्टर के अतरिया माल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के औचक निरीक्षण में केंद्र पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषण ट्रैकर एप की जानकारी नहीं होने की बात सामने आई। विभागीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा था। बच्चों के लिए प्रदाय खिलौने और शिक्षण सामग्री सील पैक स्थिति में पाई गई। केंद्र में साफ-सफाई का भी अभाव मिला।
निरीक्षण के दौरान विभागीय योजनाओं एवं संपर्क एप में दर्ज हितग्राहियों के समग्र सत्यापन में भी अपेक्षा के अनुरूप प्रगति नहीं मिली। कलेक्टर ने इसे पर्यवेक्षक स्तर से नियमित निरीक्षण और निगरानी में गंभीर लापरवाही माना।
इस मामले में सेक्टर पर्यवेक्षक तत्वसुंधु खान, सेक्टर लालपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 के तहत उनकी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई।
— पोषण योजनाओं की प्रगति में भी लापरवाही
दूसरे आदेश में सेक्टर पर्यवेक्षक रामप्यारी उइके, बजाग के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 9 मई 2026 को कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला पोषण समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं एवं एप में प्रदर्शित आंकड़ों की प्रगति की समीक्षा की गई थी। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, एचसीएम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना तथा अन्य पोषण कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा के दौरान प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।
इसके बाद 18 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए कलेक्टर ने रामप्यारी उइके की भी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया।
— निरीक्षण और निगरानी में लापरवाही पर कार्रवाई का संदेश
दोनों मामलों में कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, बच्चों की उपस्थिति, पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय गतिविधियों की निगरानी में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। कार्रवाई से विभागीय अमले में जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संदेश गया है।
