डिंडौरी। जिला चिकित्सालय के लेबर वार्ड में गुरुवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक विद्युत पावर स्विच में शॉर्ट सर्किट होने से पूरे वार्ड में धुआं फैलने लगा। वार्ड में प्रसूताएं, नवजात शिशु और उनके परिजन मौजूद थे। कुछ ही पलों में माहौल डर और चीख-पुकार में बदल गया, लेकिन इसी बीच अस्पताल की तीन महिला कर्मचारियों ने साहस, सूझबूझ और मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स काजल जागेला और सिमरन कुशवाहा ने बिना घबराए तुरंत बिजली का मुख्य स्विच बंद किया और मरीजों को सुरक्षित करने में जुट गईं। वहीं महिला गार्ड ललित मरावी ने अपनी जान की परवाह किए बिना पास में लगे अग्निशमन यंत्र को उठाया और तेजी से धुएं व आग पर काबू पा लिया। उनकी तत्परता से लेबर वार्ड में मौजूद कई महिलाओं और नवजात बच्चों की जान सुरक्षित बच सकी।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया करीब 10 मिनट के भीतर जिला चिकित्सालय पहुंचीं। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और कर्मचारियों की बहादुरी की सराहना की। कलेक्टर ने कहा कि यदि स्टाफ समय पर सतर्कता नहीं दिखाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने तीनों महिला कर्मचारियों को राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित किए जाने के निर्देश दिए।
घटना के बाद अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त विद्युत सर्किट की तत्काल मरम्मत कर नया सर्किट लगाया। कलेक्टर ने अस्पताल के अन्य वार्डों का भी निरीक्षण किया और मरीजों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही वर्षा ऋतु से पहले अस्पताल के सभी विद्युत सर्किटों की जांच और आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रमेश मरावी, विद्युत अधिकारी आर. बघेल, एसडीएम रामबाबू देवांगन, नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी सहित चिकित्सालय का स्टाफ उपस्थित रहा।




