— सरकारी सिस्टम फेल? जांच में खुला बड़ा सच, 4 अधिकारियों पर कार्रवाई
डिंडौरी। जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर जल संसाधन विभाग के चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, विकासखंड बजाग में जल संसाधन विभाग के कार्यालय संचालन और अधिकारियों-कर्मचारियों की मुख्यालय में अनिवार्य उपस्थिति को लेकर पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। निर्देशानुसार 1 अप्रैल 2026 से कार्यालय को निर्धारित स्थान पर संचालित करना और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया था।
इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न तो आदेशों का पालन किया और न ही कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। 2 अप्रैल 2026 को तहसीलदार बजाग द्वारा भेजी गई निरीक्षण रिपोर्ट में भी कार्यालय में कोई अधिकारी या कर्मचारी उपस्थित नहीं पाया गया, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना।इस मामले में कार्यपालन यंत्री सुरेन्द्र कुमार शर्मा, प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी राजकुमार अहिरवार, उपयंत्री सत्य कुमार गौतम और प्रिन्स जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है। साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
सभी अधिकारियों को 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोषालय अधिकारी को आदेशित किया गया है कि अप्रैल 2026 का वेतन सक्षम अनुमति के बिना आहरित न किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन के निर्देशों की अनदेखी और कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ करना होगा।




