Crime News : मारपीट के बाद शव छिपाकर मिटाए थे साक्ष्य, न्यायालय ने सुनाई आजीवन कठोर कारावास की सजा…

Rathore Ramshay Mardan
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एक लात बनी मौत की वजह, हत्यारे को अदालत ने भेजा उम्रभर के लिए जेल

 

डिंडौरी। जिले शहपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिलगांव में मारपीट कर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश डिंडौरी श्री दारा सिंह मंडलोई की अदालत ने सुनाया।

 

मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी गोंचू उर्फ राजकुमार परस्ते (33 वर्ष), निवासी ग्राम बिलगांव, थाना शहपुरा के विरुद्ध थाना शहपुरा में अपराध क्रमांक 319/2025 दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार 8 मई 2025 की शाम से 9 मई 2025 की सुबह के बीच आरोपी ने अपने घर की छत पर करन सिंह के साथ मारपीट की और उसके पेट में लात मार दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

 

घटना के बाद आरोपी ने अपराध के साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया। उसने शराब की बोतल को घर के पास बरगद के पेड़ के समीप छिपा दिया तथा मृतक के शव को ग्राम बिलगांव के सार्वजनिक शौचालय के पास ले जाकर रख दिया, ताकि पुलिस जांच को गुमराह किया जा सके।

 

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को हत्या एवं साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया।

 

न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 238(क) के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय के इस फैसले को गंभीर अपराधों के विरुद्ध कड़ा संदेश माना जा रहा है।

 

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