— 2 जून से भोपाल में शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, मूल्यांकन प्रणाली और अधिगम सुधार पर रहेगा फोकस
भोपाल। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा बेहतर अधिगम परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 2 जून 2026 से भोपाल स्थित एआईसीयूएफ (ऑल इंडिया कैथोलिक यूनिवर्सिटी फेडरेशन) परिसर में प्रारंभ होगा।
राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (SIEMAT) तथा लोक शिक्षण संचालनालय के असेसमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से चयनित 1,872 शिक्षक भाग लेंगे। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा में मूल्यांकन प्रणाली को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान तथा कॉमर्स सहित 12 विषयों के लिए प्रत्येक जिले से तीन-तीन शिक्षकों का चयन किया गया है। इन शिक्षकों को राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जो प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने-अपने जिलों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन तकनीकों, डायग्नोस्टिक असेसमेंट, उच्च गुणवत्ता वाले प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा परिणामों के विश्लेषण और Values, Aptitude and Behaviour Test के निर्माण संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षा परिणामों के आधार पर शैक्षणिक नियोजन और अधिगम सुधार रणनीतियों की जानकारी भी दी जाएगी।
इस पहल से विद्यालयों में आयोजित मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, प्री-बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही विद्यार्थियों की सीखने की उपलब्धियों का अधिक सटीक आकलन संभव होगा, जिससे उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।
वहीं जानकारों का कहना है कि इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों की विषयगत समझ, अधिगम स्तर और परीक्षा प्रदर्शन में सकारात्मक सुधार आएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर राज्य में मूल्यांकन सुधार की मजबूत शैक्षणिक टीम के रूप में कार्य करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




