Corruption News : ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में लाखों रुपये के गबन का आरोप, पंचों ने सीईओ जिला पंचायत से की उच्चस्तरीय जांच की मांग…

Rathore Ramshay Mardan
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सरपंच, सचिव और उपसरपंच पर बाजार ठेका, नल-जल योजना एवं सामग्री खरीदी में अनियमितता के आरोप, शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के समनापुर जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है। पंचायत के कई पंचों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत डिंडौरी को लिखित शिकायत सौंपकर सरपंच, सचिव एवं उपसरपंच के विरुद्ध जांच की मांग की है।

— ये रहा पूरा मामला 

दरअसल शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि पिछले दो वर्षों से पंचायत की मासिक बैठकें एवं ग्राम सभाएं नियमित रूप से आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिसके कारण पंचों को पंचायत के कार्यों और वित्तीय गतिविधियों की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

 

पंचों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025-26 तक बाजार ठेके से प्राप्त लगभग 3.81 लाख रुपये की राशि पंचायत खाते में जमा नहीं की गई और उक्त राशि का दुरुपयोग किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत की सरपंच के नाम से कथित रूप से निजी खाते एवं फर्जी वेंडर के माध्यम से लगभग 2.13 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

 

इसी प्रकार उपसरपंच के नाम से भी कथित फर्जी वेंडर बनाकर विभिन्न तिथियों में भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार इन भुगतानों की कुल राशि लगभग 1.63 लाख रुपये बताई गई है।

शिकायत पत्र में नल-जल योजना के अंतर्गत एक तालाब का कथित फर्जी एस्टीमेट तैयार कर करीब 3.60 लाख रुपये के गबन का भी आरोप लगाया गया है। पंचों का कहना है कि पंचायत में संबंधित कार्यों के दस्तावेज और रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

इसके अलावा पंचायत में सामग्री खरीदी के लिए किसी प्रकार की निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाने और कथित रूप से फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने “संस्कार ट्रेडर्स” नामक सप्लायर के नाम से भुगतान की जांच कराने की मांग की है।

पंचों ने सीईओ जिला पंचायत से मामले की जिलास्तरीय जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित पदाधिकारियों को कार्य से पृथक करने की मांग की है।

 

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