डिंडौरी। आकांक्षी विकासखंड बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत भुरसी के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने विशेष पहल शुरू की है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं की टीम ने क्षेत्र का जमीनी सर्वे कर समस्याओं का आकलन किया।
सर्वेक्षण के दौरान तरच ग्राम के चिखलाटोला और बैगानटोला में निवासरत बैगा समुदाय के परिवारों से संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का अध्ययन किया गया। टीम ने पाया कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां अब भी अधिकतर प्रसव घर पर ही हो रहे हैं। ये टोले मुख्य मार्ग से करीब 6 किलोमीटर कच्चे रास्ते से जुड़े हैं, जिससे समय पर अस्पताल पहुंचना कठिन हो जाता है। वहीं कम उम्र में विवाह, शिक्षा का अभाव और जागरूकता की कमी भी इसके प्रमुख कारण हैं।
— आशा कार्यकर्ता की कमी बनी चुनौती
क्षेत्र के लगभग 103 परिवारों के लिए स्थानीय आशा कार्यकर्ता उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी 6 किलोमीटर दूर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, तरच पर निर्भर रहना पड़ता है।
— प्रशासन ने तय किए ठोस कदम
स्थिति में सुधार के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बैगा समुदाय से ही स्थानीय आशा कार्यकर्ता का चयन किया जाएगा। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत काउंसलिंग कर उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाएगा। हाल ही में ‘केयर कैंपेनिंग प्रोग्राम’ के तहत तरच आयुष्मान आरोग्य




