भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र (जीतू) पटवारी ने देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत पत्र भेजकर मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल पत्र में प्रदेश की स्थिति को “विफल होती शासन व्यवस्था” बताते हुए कहा गया है कि प्रशासनिक लापरवाही और असंवेदनशीलता के कारण आम जनता असुरक्षा और अव्यवस्था के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है। कांग्रेस द्वारा जारी इस पत्र में हाल ही में हुई कई घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें छिंदवाड़ा में जहरीली दवा सेवन से बच्चों की मौत, इंदौर में दूषित जल आपूर्ति और जबलपुर में हालिया दुर्घटना जैसी घटनाएं शामिल हैं। पत्र में इन घटनाओं को प्रशासनिक विफलता का गंभीर उदाहरण बताया गया है। इसके साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि आपदा और दुर्घटनाओं के समय प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व की संवेदनशीलता अपेक्षित स्तर पर नहीं दिखी, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।
कांग्रेस ने सड़क दुर्घटनाओं, किसानों की समस्याओं और आदिवासी क्षेत्रों में हो रही घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर होता जा रहा है। अंत में, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रपति से इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है, ताकि प्रदेश में सुशासन, सुरक्षा और जनता का विश्वास पुनः स्थापित हो सके। यह पत्र अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

