डिंडौरी। जिला पशु चिकित्सालय एवं डेयरी विभाग डिंडौरी परिसर में दवाइयों एवं खाली शीशियों को जलाने से प्रदूषण फैलने की खबर को जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने गंभीरता से लिया। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने जिला पशु चिकित्सालय पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी कक्ष, दवाई वितरण कक्ष, डॉक्टर कक्ष तथा उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालय में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त करते हुए अनुपस्थित एवं अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों की जानकारी ली। लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिला पशु चिकित्सालय अधिकारी से कार्यालय की सभी शाखाओं के कार्यविभाजन आदेश, पंजी एवं कार्यवाही विवरण प्रस्तुत करने को कहा। कार्यविभाजन आदेश उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए दो दिवस के भीतर जिला मुख्यालय एवं विकासखंड स्तर पर संचालित केंद्रों में पदस्थ कर्मचारियों का कार्यविभाजन आदेश जारी करने के निर्देश दिए
उन्होंने प्रभारी अधिकारी एच.पी. शुक्ला, स्थापना शाखा प्रभारी राजेन्द्र कुमार तथा सहायक पशु चिकित्सालय अधिकारी को कार्यालय में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, दवाइयों का सुव्यवस्थित वितरण करने, पशुओं के उपचार की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने और सभी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने कार्यालय प्रांगण में जलाई गई खाली शीशियों, खराब दवाइयों एवं कचरे के स्थल का निरीक्षण किया और सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में खराब दवाइयों और खाली शीशियों का नष्टीकरण बस्ती से दूर निर्धारित स्थान पर ही किया जाए, ताकि प्रदूषण फैलने की संभावना न रहे। इस दौरान एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार, डॉक्टर अभिनय शुक्ला सहित पशु चिकित्सालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।




