— नारी सम्मान का संदेश: महिला दिवस पर डिंडोरी में भव्य कार्यक्रम, कई महिलाओं का हुआ सम्मान
डिंडौरी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को दीदी कैफे में महिला दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया की गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन और अधिक भव्य एवं गौरवपूर्ण बन गया।
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष सुनीता सारस, वरिष्ठ समाजसेवी नीलू जैन, शिल्पा जैन, सविता बर्मन, साक्षी सोनी, नेहा छाबड़ा, रेखा कुशवाहा, कुंती गौतम, माही बारोटिया, काजल गौतम, कल्पना मिश्रा सहित लगभग 100 से अधिक मातृशक्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन रानी अवंती बाई संशय संस्था द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद के लगभग 25 स्वच्छता प्रहरियों एवं मातृशक्तियों को कलेक्टर द्वारा श्रीफल एवं पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी महिला आरक्षक दीपमाला नागले, माही बारोटिया तथा सफाई अभियान से जुड़े सदस्यों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। नगर की उत्कृष्ट महिलाओं को भी मंच पर सम्मान प्रदान किया गया। मंचासीन सभी अतिथियों का स्वागत शाल, श्रीफल, पगड़ी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती रेखा प्रकाश कुशवाहा का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन मंजूषा शेख शमी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन नीलू जैन ने किया।
इस अवसर पर जबलपुर से आई साहित्यकार एवं संस्था की संरक्षिका ने अपने संबोधन में नारी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मां अनुसूइया से लेकर भारत की महान मातृशक्तियों के योगदान का उल्लेख किया और रानी अवंती बाई के बलिदान को याद किया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास और 8 मार्च को इसके महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया ने अपने उद्बोधन में सभी मातृशक्तियों और बहनों को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज और देश के विकास में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वे जिले के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
कलेक्टर ने कहा कि डिंडोरी जिले में लहरी बाई जैसी प्रेरणादायक हस्तियां निवास करती हैं, जो जिले को गौरवान्वित करती हैं। उन्होंने मातृशक्तियों से अपील की कि वे अपने आत्मसम्मान और सुरक्षा के प्रति सजग रहें तथा बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करें। साथ ही बेटियों को चंद्रविजय महाविद्यालय में संचालित निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं में भेजने का आह्वान किया, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं रंग पंचमी की शुभकामनाएं दी गईं। पूरे आयोजन का वातावरण उत्साह और आनंद से परिपूर्ण रहा।




