डिंडौरी। जिले के शहपुरा नगर परिषद अंतर्गत शारदा टेकरी स्थित फ़िल्टर प्लांट की हालिया तस्वीरों ने नगर की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस फ़िल्टर प्लांट से नगरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, उसी के भीतर भारी मात्रा में गंदगी, कीचड़ और मैला जमा पाया गया। यह स्थिति दर्शाती है कि लंबे समय से फ़िल्टर प्लांट की समुचित और नियमित सफ़ाई नहीं की गई। फ़ोटो में साफ देखा जा सकता है कि फ़िल्टर टैंक की सतह पर मोटी परत में गंदगी जमी हुई है, जिसे श्रमिक हाथों और साधारण औजारों से हटाते नजर आ रहे हैं।

वहीं लोगों का कहना है कि नगर में कई बार पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कभी पानी का रंग बदला हुआ आता है तो कभी बदबू की शिकायत होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी हर बार व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा करते रहे। अब सामने आई तस्वीरों से इन दावों की सच्चाई उजागर हो गई है। चिंता का विषय यह है कि इसी फ़िल्टर प्लांट से शुद्ध किया गया पानी सीधे नगर की जनता तक पहुंचता है। ऐसे में गंदगी और लापरवाही का सीधा असर आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं अब फ़िल्टर प्लांट की यह स्थिति नगर परिषद की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। अब आवश्यकता है कि केवल औपचारिक सफ़ाई तक सीमित न रहते हुए नियमित निरीक्षण, जल गुणवत्ता की जांच और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि नगरवासियों को वास्तव में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।




