— आखिरकार मिल गया न्याय, SDM हत्याकांड में पति को उम्रकैद
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के बहुचर्चित एसडीएम पत्नी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय डिंडौरी ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी आरोपी को दंडित किया है।
— ये रहा पूरा मामला
प्रकरण के अनुसार आरोपी मनीष शर्मा ने 27 और 28 जनवरी 2024 की दरमियानी रात शहपुरा स्थित शासकीय एसडीएम आवास में अपनी पत्नी निशा शर्मा की हत्या कर दी थी। निशा शर्मा उस समय शहपुरा में एसडीएम के पद पर पदस्थ थीं। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने तकिए से पत्नी का मुंह और नाक दबाकर उसकी जान ले ली।
घटना को छिपाने और जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से आरोपी ने कमरे में मौजूद चादर, तकिया कवर तथा अन्य कपड़ों को पानी से धोकर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य, परिस्थितिजन्य प्रमाण और गवाहों के बयान एकत्र कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध मजबूत परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश डिंडौरी ने आरोपी मनीष शर्मा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत साक्ष्य मिटाने के अपराध में तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।
न्यायालय के इस फैसले के साथ लंबे समय से चर्चा में रहे इस हत्याकांड का महत्वपूर्ण न्यायिक निष्कर्ष सामने आया है। मामले के निर्णय को लेकर न्यायालय परिसर और जिलेभर में लोगों की विशेष नजर बनी हुई थी।




