— एक दिन की गैरहाजिरी पड़ी भारी! स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
डिंडौरी। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत जिला अस्पताल में आयोजित एक दिवसीय महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला से बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडे ने अनुशासनहीनता को गंभीर मानते हुए अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है तथा उनका एक दिवस का वेतन अवैतनिक करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में चयनित 58 स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारियों को NQAS सर्टिफिकेशन की तैयारियों, गुणवत्ता मानकों तथा आवश्यक प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा था। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर डॉ. मनोज उरैती, मनोरमा सोनावने एवं डॉ. अंकित अलावे द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे ने कहा कि शासकीय कार्यों एवं विभागीय कार्यक्रमों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण में बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर जिन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, उनमें हीना बानो (सीएचओ, पडरिया माल), भारती मेहरा (सीएचओ, सढ़वाछापर), रोशनी धुर्वे (सीएचओ, पिपरिया) और डॉ. विवेक साहू (मेडिकल ऑफिसर, कोहनी देवरी) शामिल हैं। विभागीय कार्रवाई के तहत सभी संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और उनका एक दिन का वेतन काटने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को कार्यस्थल पर अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




