डिंडौरी। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की राशि में वित्तीय अनियमितता के मामले में ग्राम पंचायत रकरिया के पूर्व सरपंच शिवनंदन सिंह उईके के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा-92 के प्रावधानों के तहत उन्हें 30 दिवस के कारावास में रखने का वारंट जारी किया गया है।
प्रकरण के अनुसार वर्ष 2017-18 में पोषक ग्राम सूरजपुरा में ग्राम चौपाल एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए 2-2 लाख 50 हजार रुपये, यानी कुल 5 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। आरोप है कि दोनों निर्माण कार्य कराए बिना ही पूरी राशि का आहरण कर लिया गया। जांच में इसे वित्तीय अनियमितता माना गया।
मामले में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा-89 के तहत देयता निर्धारित की गई थी। पूर्व सचिव द्वारा 2 लाख 50 हजार रुपये जमा किए जा चुके हैं, जबकि पूर्व सरपंच द्वारा 50 हजार रुपये जमा किए गए। शेष राशि की वसूली के लिए धारा-92 के तहत प्रकरण क्रमांक 303/2025-26 दर्ज किया गया।
विचारण के बाद 29 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश जारी करते हुए 15 दिवस के भीतर निर्धारित राशि शासन कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय बीतने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई।इसके बाद विहित प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिंडौरी दिव्यांशु चौधरी के न्यायालय द्वारा 31 अगस्त 2026 को पूर्व सरपंच शिवनंदन सिंह उईके को तत्काल अभिरक्षा में लेकर पकड़े जाने की तारीख से 30 दिवस की अवधि के लिए कारावास में रखने का वारंट जारी किया गया है।



