डिंडौरी । जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता के मामलों को लेकर जिला पंचायत ने सख्त कार्रवाई की है। प्रधानमंत्री आवास योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और लगातार कार्यालय एवं समीक्षा बैठकों से अनुपस्थित रहने पर परियोजना अधिकारी (संविदा) सी.एस. सिंह की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं, शासकीय पुलिया निर्माण में गुणवत्ता एवं भुगतान संबंधी अनियमितताओं के मामले में ग्राम पंचायत सैनगुड़ा के सचिव शंकर आर्मो को निलंबित किया गया है। इसके अलावा निर्माण कार्यों में लापरवाही और हितग्राहियों की शिकायतों के आधार पर उपयंत्री फिरोज खान को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब मांगा गया है।
— आवास योजना में लगातार लापरवाही, संविदा सेवा समाप्त
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं जनमन आवास योजना की प्रगति में सुधार के उद्देश्य से परियोजना अधिकारी सी.एस. सिंह को 8 अप्रैल 2026 के आदेश से जनपद पंचायत करंजिया में संलग्न किया गया था। उन्होंने 11 अप्रैल को वहां उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन इसके बाद योजना की प्रभावी मॉनीटरिंग नहीं किए जाने की बात सामने आई।
जिला स्तर पर प्रतिदिन आयोजित होने वाली जूम वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी उनकी लगातार अनुपस्थिति पाई गई। उपस्थिति पत्रक के अनुसार अप्रैल में वे केवल 3 दिन और मई में 4 दिन उपस्थित रहे, जबकि जून और जुलाई में पूरे महीने अनुपस्थित रहे।
कार्य के प्रति उदासीनता और बिना सूचना अनुपस्थित रहने को लेकर उन्हें पहले भी कारण बताओ नोटिस दिए गए थे। अप्रैल में बिना सूचना गृह जिला बनारस चले जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की नियमित मॉनीटरिंग नहीं करने के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। लगातार निर्देश और अवसर दिए जाने के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने तथा स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ ने संविदा सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया। कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के संविदा सेवा संबंधी 22 जुलाई 2023 के दिशा-निर्देशों के बिंदु 9.8 के तहत की गई है।
— 13.59 लाख की पुलिया में गड़बड़ी, पंचायत सचिव निलंबित
दूसरी कार्रवाई जनपद पंचायत करंजिया की ग्राम पंचायत सैनगुड़ा के ग्राम सैरहा में शिवनार नाले पर निर्मित पुलिया को लेकर की गई है। शिकायत की जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी दिशा-निर्देशों के पालन और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आईं।
पुलिया निर्माण के लिए कुल 13.59 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें 1.91 लाख रुपये मजदूरी मद और 11.68 लाख रुपये सामग्री मद के लिए निर्धारित थे। जांच में निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी दिशा-निर्देशों के विपरीत कराए जाने के साथ मजदूरी मद से राशि व्यय करने तथा मनरेगा पोर्टल पर भुगतान संबंधी प्रविष्टियों में भी अनियमितता पाए जाने का उल्लेख किया गया है।
मामले में सचिव शंकर आर्मो को 28 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उनका मुख्यालय जनपद पंचायत करंजिया निर्धारित किया गया है।
— हितग्राहियों की शिकायत पर उपयंत्री को नोटिस
तीसरे मामले में जनपद पंचायत डिंडौरी के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के तकनीकी मार्गदर्शन और पदीय दायित्वों में कथित लापरवाही को लेकर उपयंत्री फिरोज खान को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
जारी नोटिस के अनुसार संबंधित सेक्टर के हितग्राहियों ने शिकायत की है कि निर्माण कार्यों की माप पुस्तिका कार्यालय में रखी जाती है और कार्य का मूल्यांकन दर्ज करने के लिए राशि की मांग की जाती है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि राशि नहीं दिए जाने पर माप पुस्तिका का विधिवत संधारण नहीं किया जाता और मजदूरी एवं सामग्री का भुगतान लंबित रहता है।
जिला पंचायत सीईओ ने मामले को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और स्वेच्छाचारिता से संबंधित मानते हुए तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जवाब नहीं देने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



