— अंतिम भुगतान और सिक्योरिटी राशि जारी करने के बदले मांगे थे 2 लाख रुपये, EOW रीवा की कार्रवाई
मध्यप्रदेश के अनूपपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) अनूपपुर के प्रभारी कार्यपालन यंत्री ए.के. साह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी एक ठेकेदार से अंतिम देयक, सिक्योरिटी डिपॉजिट और एफडीआर राशि जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
EOW से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी रामाश्रय यादव, निवासी बाणसागर कॉलोनी रीवा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पीएचई विभाग में किए गए कार्यों के भुगतान के लिए आवेदन करने के बावजूद उसकी राशि जारी नहीं की जा रही थी। शिकायत में बताया गया कि लगभग 14 लाख रुपये के अंतिम देयक, 7 लाख रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि और करीब 4 लाख रुपये की एफडीआर राशि रिलीज करने के बदले आरोपी अधिकारी ने 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
जांच में शिकायत सही पाए जाने पर EOW ने ट्रैप की योजना बनाई। बताया गया कि आरोपी पहले ही रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त कर चुका था। शेष राशि में से 30 हजार रुपये लेते समय गुरुवार को EOW रीवा की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस ट्रैप कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक किरण किरो, निरीक्षक हरीश कुमार त्रिपाठी, उप निरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, संतोष पाण्डेय सहित EOW की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भ्रष्टाचार के मामलों में EOW की यह कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
