Three Children Rule : तीन संतान नियम निरस्त होने पर कैबिनेट मंत्री सम्पतिया उइके का अभिनंदन, शिक्षकों ने जताया आभार….

Rathore Ramshay Mardan
3 Min Read

ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने जताया आभार, पुरानी पेंशन व अन्य मांगों पर भी उठी आवाज

मध्यप्रदेश के मंडला तीन संतान से संबंधित नियम के निरस्त होने पर ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की जिला इकाई द्वारा कैबिनेट मंत्री सम्पतिया उइके के सम्मान में भव्य धन्यवाद एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, संगठन पदाधिकारी एवं तीन संतान नियम से प्रभावित कर्मचारी शामिल हुए।

 

कार्यक्रम में आदर्श ग्राम पंचायत की सरपंच डॉ. श्रद्धा उइके करवेती एवं जिला पंचायत सदस्य शैलेष मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत संगठन की परंपरा के अनुसार कॉपी-पेन भेंट कर किया गया तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

 

इस अवसर पर ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डी.के. सिंगौर एवं जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी को तीन संतान नियम से जुड़े मुद्दे पर किए गए प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इस नियम के कारण कई शिक्षक और उनके परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे। संगठन ने प्रभावित शिक्षकों को एकजुट कर उनकी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का कार्य किया।

 

जिला उपाध्यक्ष मोहन यादव ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि संगठन ने लगातार बैठकों, संवाद और प्रयासों के माध्यम से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री सम्पतिया उइके के माध्यम से यह विषय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखा गया तथा सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला को भी स्थिति से अवगत कराया गया, जिसके बाद नियम निरस्त होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

 

हालांकि कार्यक्रम के दौरान संगठन की ओर से पुरानी पेंशन योजना, वरिष्ठता, ग्रेच्युटी, जीपीएफ तथा टीईटी परीक्षा से जुड़े लंबित मुद्दों को भी उठाया गया। शिक्षकों का कहना था कि इन महत्वपूर्ण विषयों पर अभी भी समाधान की अपेक्षा बनी हुई है। कार्यक्रम के अंत में संगठन पदाधिकारियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षकों की अन्य मांगों के निराकरण की भी मांग की।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *