डिंडौरी। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा शिक्षकों की उपस्थिति अब EHRMS मोबाइल ऐप के माध्यम से अनिवार्य कर दी गई है। इस व्यवस्था को जिले के सभी 89 विकासखंडों में लागू कर दिया गया है। जिसके बाद अब शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही वेतन जनरेट किया जाएगा।
इस नई प्रणाली के बाद विभागीय स्तर पर संभागायुक्त, सहायक आयुक्त और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। हालांकि, कई ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या होने से शिक्षकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं पर मोबाइल नेटवर्क बिल्कुल नहीं है, तो कहीं आंशिक रूप से काम कर रहा है, जिससे चेक-इन और चेक-आउट करने में कठिनाई हो रही है।
वहीं इस समस्या को लेकर शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने मीडिया से कहा कि— “यह व्यवस्था तभी प्रभावी होगी जब इसे पूरी तैयारी के साथ लागू किया जाए। ऐप में ऐसी सुविधा होनी चाहिए कि बिना नेटवर्क के भी उपस्थिति दर्ज हो सके और नेटवर्क आने पर उसी समय की उपस्थिति मान्य की जाए।” उन्होंने कहा कि बिना तकनीकी तैयारी के लागू की गई इस ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली से शिक्षकों को अनावश्यक मानसिक दबाव और परेशानी झेलनी पड़ रही है।





