— ऐसी क्या गलती हुई कि 3 पुलिसकर्मी एक साथ सस्पेंड?
मध्यप्रदेश के शहडोल जोन में पुलिस विभाग की लापरवाही सामने आने पर पुलिस महानिरीक्षक ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी आदेश के अनुसार, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा उप पुलिस अधीक्षक स्तर पर थाना भ्रमण एवं बैठकों की जानकारी नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन शहडोल जिला, उमरिया जिला और अनूपपुर जिला से संबंधित जानकारी समय पर IG कार्यालय तक नहीं पहुंचाई गई और न ही वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए 16 मार्च 2026 को संबंधित कर्मचारियों को तलब कर पूछताछ की गई। इस दौरान प्रधान आरक्षक प्रवीण कुमार तिवारी के जींस पहनकर उपस्थित होने का मामला भी सामने आया, जिसे अनुशासनहीनता माना गया। साथ ही रीडर शाखा द्वारा फरवरी और मार्च माह की आवश्यक जानकारी समय पर प्रस्तुत न करना भी लापरवाही माना गया।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर रीडर शाखा में पदस्थ सउनि परवेज खान, प्रधान आरक्षक 226 प्रवीण कुमार तिवारी और आरक्षक 372 गौरव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश के तहत तीनों को उनकी मूल इकाई में वापस भेजते हुए रक्षित केंद्र अनूपपुर, उमरिया एवं अनूपपुर से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
मामले की जांच के लिए एसडीओपी धनपुरी विकास पाण्डेय को जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्हें 10 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आदेशों की अवहेलना और कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देखें आदेश…

